आखिर क्यों हो रही इसराइल को 7 दशकों से हो रही दुनिया के नकशे से मिटाने की कोशिश

आखिर हमास और इजरायल एक दूसरे के दुश्मन क्यों हैं?



इस युद्ध की शुरुआत 07 अक्टूबर देर रात को हुई जब, इजराइल के भिन्न भिन्न क्षेत्रो में हमास ने 5 से 6 हजार मिसाइल दाग दिए, जिसमे कई लोगो की जान चली गयी,आज इजरायल और हमास के बीच युद्ध को लगभग 10 दिन हो गए है, हालांकिं इजरायल और फिलिस्तीन के बीच का संघर्ष सात दशक पुराना है। संघर्ष का नेतृत्व करने वाले लोग दोनों पक्षों में बदलते रहे, लेकिन यह संघर्ष खत्म नहीं हुआ। इजरायल के बनने के साथ ही यह संघर्ष शुरू हुआ।

1929 में हेमब्रोन नरसिंघार में 66 आहुदि मारे गए, जो फिलिस्तीन में आहुदी आप्रवासन के खिलाफ फिलिस्तीनी दंगो का एक हिस्सा थे, सयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1947 में एक प्रस्ताव 181 पारित किया जिसमें तत्कालीन फिलिस्तीन को स्वतंत्र अरब तथा आहुदी राज्यों में विभाजित कर दिया, जिसके बाद सयुक्त राष्ट्र के इस निर्णय को अरब नेताओं ने खारिज कर दिया, और उसके बाद 14 मई 1948 में आहुदी नेतृत्व ने एक नए राज्य की स्थापना की ओर इजराइल अस्तित्व में आया।


लेकिन  इजराइल के अस्तित्व में आने के बाद कई अरब देशो ने इजराइल पर हमला करना शुरू कर दिया, इजरायल के संस्थापक डेविड बेन गुरियन ने 14 मई 1948 को आधुनिक इजरायल की घोषणा की थी। इजरायल बनाने का लक्ष्य था कि दशकों तक भटकते रहे यहूदियों का अपना एक देश होगा। जिस जगह इजरायल बना वह

एक समय फिलिस्तीन का हिस्सा था। इजरायल के बनने को फिलिस्तीनियों ने तबाही के रूप में बताया। इस जगह पर ब्रिटिश का राज था। इजरायल के बनने पर लगभग सात लाख लोग या उस दौरान फिलिस्तीन की आधी अरब आबादी घर छोड़कर चली गई या उन्हें जबरन निकाल दिया गया। 


यहां से लोग जॉर्डन, लेबनान और सीरिया के साथ-साथ गाजा, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम पहुंच गए। 1948 में कई अरब देशों ने इजरायल पर हमला बोल दिया. इस लड़ाई में फिलिस्तीनी लड़ाकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस जंग में यहूदी भारी पड़े. इजरायली सुरक्षाबलों ने 7.5 लाख फिलिस्‍तीनियों को इलाके से खदेड़ दिया और उन्‍हें पड़ोसी देशों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा।


परन्तु इस युद्ध के दौरान फिलिस्तीन ने सयुक्त राष्ट्र द्वारा आवंटित क्षेत्र का ज्यादा तर हिस्सा गवा दिया, इस युद्ध को इजराइल के आहूदियो ने सवतंतता संग्राम का नाम दिया, और फिलिस्तीनियों ने इस को तबाई कहा, गाजा को गाजा पट्टी भी कहा जाता है, जंहा तक़रीबन 20 लाख फिलिस्तीनी रहते है, जिनमे से अधितर इजराइल से विस्थापित लोग है। 


हमास फिलिस्तीन का सबसे बड़ा आंतकवादी संगठन है, जिसको विश्व के कई बड़े देश अमरीका, ब्रिटेन, और अन्य कई देश आंतकवादी संगठन मानती है। 


ताजा संघर्ष के लिए ईरान पर हमास को उकसाने के आरोप लग रहे हैं. ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार ईरान में हुई कई बैठकों के बाद हमास ने इजरायल पर हमला किया। इजरायल को खत्‍म कर हमास नया फिलिस्‍तीन बनाना चाहता है. वो पूरे इलाके को फिली‍स्‍तीन घोषित कर यहां इस्‍लामी साम्राज्‍य की स्‍थापना करना चाहता है.

दूसरी ओर इजरायल ने हमले के बाद हमास को पूरी तरह खत्‍म करने का संकल्‍प लिया है।

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