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Showing posts from 2025

अघंजर महादेव मंदिर जंहा 600 वर्षो से लगातार जला हुआ धुना

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आज हम आपको अपनी इस वीडियो के माधयम से हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा में स्थित एक ऐसे धार्मिक स्थान के बारे में बताने जा रहे है जो महाभारत काल से संबधित तो है ही साथ ही इस मंदिर में पिछले छह सौ वर्षो से निरंतर एक धुना जल रहा है जो इस धार्मिक स्थान को और भी ज्यादा आकर्षित और लोकप्रिय बनता है। अघंजर  महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास स्थित खनियारा गाँव में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय पर्टयक स्थान धर्मशाला से मात्र साथ किलोमीटर दुरी पर है।                                               अघंजर महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश अघंजर एक संस्कृत भाषा का शब्द है, पाप का नाश करने वाले को ही अघंजर अर्थार्थ शिव कहा गया है, अघंजर" शब्द का अर्थ है "अघ" (पाप) और "अंजर" (नाश करने वाला)। इसलिए, इस मंदिर को पापों का नाश करने वाला  भी माना जाता है।  है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और कांगड़ा जिले में श्रद्धालुओं के लिए एक म...

चामुंडा नंदिकेश्वर धाम ऐसा मंदिर जंहा जलता है हर रोज शव

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चामुंडा नंदिकेश्वर धाम जिसे चामुंडा देवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, यह धार्मिक स्थान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की धर्मशाला तहसील में पालमपुर से मात्र 19 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। यह शिव शक्ति का धार्मिक मंदिर है जिसमे नंदिकेश्वर भगवान शिव को कहा गया है और चामुंडा यह देवी दुर्गा के स्वरूप श्री चामुंडा देवी को समर्पित है। मंदिर के गर्व ग्रह में माँ चामुंडा देवी की पवित्र मूर्ति विराजमान है, जो बेहद ही ऐतिहासिक और पौराणिक है। चामुंडा की मूर्ति को कई रंगों में लपेटा जाता है, लेकिन लाल और काले रंग का विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।                                                                    चामुंडा नंदिकेश्वर धाम चामुंडा दो शब्दों से बना है चंड और मुंड पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी काली ने प्राचीन काल में इस स्थान पर एक भयंकर युद्ध में चंड और मुंड नामक दो कुख्यात राक्षसों का वध किया था। इसलिए, देवी को च...

भागसू नाग मंदिर हिमाचल प्रदेश का एक ऐसा धार्मिक स्थान जंहा भगवान से पहले लिया जाता है दैत्य का नाम

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भागसू नाग मंदिर हिमाचल प्रदेश का एक ऐसा धार्मिक स्थान जंहा भगवान से पहले लिया जाता है दैत्य का नाम, जी हां आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा के सबसे लोकप्रिय पर्टयक स्थान मैक्लोडगंज के साथ  लगते क्षेत्र भागसू नाग मंदिर से समवन्दित कई ऐतिहासिक, पौराणिक, वास्तविक और रहस्मयी बातो को बताने जा रहे है। जिसके बाद आप भी अपने आप को इस स्थान में जाने से नहीं रोक पाओगे, भागसू नाग मंदिर की स्थापना पांच हजार चुरानवे वर्ष पहले हुई थी। भागसू नाग मंदिर का नाम दैत्य राजा भागसू और नाग देवता के नाम पर पड़ा है।                                                           भागसू नाग मंदिर हिमाचल प्रदेश यह धार्मिक और रहस्मयी मंदिर ऐतिहासिक होने के साथ साथ बेहद ही रहस्मयी भी है, भागसू नाग मंदिर के प्रांगण के बिलकुल सामने दो पानी के कुंड है, मान्यता है की यह पानी मंदिर से चौबीस किलोमीटर दूर धौलाधार की पहाड़ियों में स्थित नाग डल से पहाड़ो के अंदर से होता हुआ इ...

बैजनाथ शिव मंदिर हिमाचल प्रदेश ऐतिहासिक और रहस्मयी धार्मिक स्थान

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हिमाचल प्रदेश जिसको देव भूमि के नाम से भी जाना जाता है जिसकी बजह यंहा स्थित कई ऐतिहासिक और रहस्मयी धार्मिक स्थान है, जो आज भी अपने अंदर कई पौराणिक कथाओ और रहस्यों को समाए हुए है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थान है जो महाभारत काल से सम्वन्धित है  "बैजनाथ शिव मंदिर" जो हिमाचल प्रदेश के  काँगड़ा जिले में पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसे उत्तर भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। यहाँ भगवान शिव की आराधना "वेदों के देवता" के रूप में होती है, और इसे धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मंदिर शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।                                 https://youtu.be/Cf3xgxnofuw?si=MJdFvbJgyQpXoI6K विनवा नदी जो इस मंदिर के किनारे बहती है इस धार्मिक स्थान को और भी आकर्षित और खूबसूरत बना देती है मानो जैसे प्रकृति ने इस स्थान को इस धार्मिक स्थान के लिए ही बनाया हो, साथ ही ब...

जयंती माता का मंदिर हिमाचल प्रदेश का ऐतिहासिक और पौराणिक धार्मिक स्थान

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बाथू की लड़ी का मंदिर हिमाचल प्रदेश जयंती माता का मंदिर हिमाचल का एक ऐसा मंदिर जंहा माता जयंती ने अपनी भक्त के प्रेम और स्नेह की बजह से नहीं उठने दी थी अपने भक्त की ढोली, आप भी सोच रहे होंगे की एक माँ अपने भक्त के साथ ऐसा कैसे कर सकती तो देखिए इस वीडियो को इस वीडियो में माँ जयंती माता के मंदिर की ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक जानकारी आपके सम्क्ष्य लाएंगे, जयंती माता का मंदिर महाभारत काल से समवन्दित एक ऐसा धार्मिक स्थान  जिसका निर्माण पांडवो ने अज्ञात वास के दौरान किया था, यह मंदिर बाण गंगा नदी के किनारे एक पहाड़ की चोटी में स्थित है, हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्थित यह स्थान ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण है। जयंती माता को "जयंती देवी" के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर और माता की पूजा से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। हम आपको अपनी इस वीडियो के माध्यम से इस मंदिर का इतिहास, पौराणिक मान्यताओं और कथाओं के बारे में जानकारी देंगे।  एक पौराणिक कथा के अनुसार कहा जाता है की काँगड़ा जिसे उस समय त्रिगर्त कहा जाता था, वंहा के राजा की एक ...